उच्च रक्तचाप क्या है ? उच्च रक्तचाप के घरेलू उपाय, लक्षण, कारण और बचाव के उपाय बताइए

हमारे शरीर में उच्च रक्तचाप (High BP) की समस्या तब आती है जब धमनियों में रक्त का दबाव बढ़ जाता है जिसके कारण धमनियों में रक्त का प्रवाह बनाये रखने के लिए ह्रदय को सामान्य से अधिक कार्य करने की आवश्यकता होती है। इस बीमारी में व्यक्ति का बीपी (BP) सामान्य से अधिक (90/140 mmHg) हो जाता है।

हमारे शरीर का रक्तचाप पुरे दिन में कई बार बढ़ता और कम होता रहता है लेकिन लम्बे समय तक रक्तचाप उच्च रहता है तो यह शरीर के लिए बहुत हानिकारक होता है तथा ह्रदय से सम्बंधित रोग हो सकते हैं।

उच्च रक्तचाप (hypertension) समय पर भोजन न करने, अधिक तनाव, कैफीन का अधिक सेवन, विटामिन डी की कमी, लम्बे समय तक मोबाइल का प्रयोग करना आदि के कारण होता है। यदि आपको उच्च रक्तचाप (High blood pressure) की समस्या आती है तो आपको सावधान रहना चाहिए और इसका उपचार कराना चाहिए क्यूंकि उच्च रक्तचाप के कारण ह्रदय से सम्बंधित समस्याएं आ सकती है, आपकी किडनियों की रक्त वाहिनियों का कमजोर होना तथा आपके शरीर का कोई भी अंग कार्य करना बंद कर सकता है।

 

Image by Thomas H. from Pixabay
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उच्च रक्तचाप (High BP) क्या है ? (What is High blood pressure in hindi)

Uchch raktchap (High BP) kya hota hai

उच्च रक्तचाप (hypertension) एक प्रकार की बीमारी है जिसमें शरीर की धमनियों के रक्त का दबाव या प्रवाह अधिक हो जाता है जिसके कारण शरीर में किडनी एवं ह्रदय से सम्बंधित रोग उत्पन्न हो जाता हैं। इस रोग को मूक हत्यारे या साइलेंट किलर (Silent Killer) भी कहते हैं क्यूंकि यह बीमारी बिना लक्षणों के कई सालों तक धीरे-धीरे बढती रहती है।

उच्च रक्तचाप के लक्षण (Symptoms of High blood pressure in hindi) 

 

Image from unsplash
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high BP ke lakshan in hindi 

वैसे तो उच्च रक्तचाप का कोई भी स्पष्ट लक्षण नहीं होता है जिससे यह पता किया जा सके कि किसी व्यक्ति को हाई बीपी है या नहीं। कई बार तो लोगों को उच्च रक्तचाप होने के बाद भी पता ही नहीं चलता है कि उनको उच्च रक्तचाप की समस्या है। फिर भी कुछ दुर्लभ स्थितियों में उच्च रक्तचाप (High blood pressure) होने पर व्यक्ति में निम्नलिखित लक्षण देखे जा सकते हैं –

  • सिरदर्द होना (विशेषकर सिर के पिछले भाग में)
  • चक्कर आना
  • साँस लेने में समस्या आना
  • आँखों में धुंधलापन होना या कोई भी वस्तु दो-दो दिखाई देना
  • कान में गूंज या फुसफुसाहट की ध्वनि आना
  • नाक से खून आना
  • छाती में दर्द होना
  • तनाव और थकान आना
  • घबराहट महसूस होना
  • हाथ-पेरों में अचानक सुन्न होना
  • बोलने और कोई भी बात समझने में समस्या होना
  • मूत्र के साथ खून आना

किन-किन लोगों को हाई बीपी की समस्या आ सकती है ?

उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) की समस्या निम्नलिखित प्रकार के व्यक्तियों को आ सकती है –

  1. यदि आप अधिक नमक का सेवन करते हैं तो आपको हाई बीपी की समस्या आ सकती है
  2. यदि आप बहुत अधिक कैफीन (चाय या कॉफ़ी) का सेवन करते है तो भी उच्च रक्तचाप की समस्या आ सकती है
  3. यदि आप अधिक शराब पीतें है तो भी उच्च रक्तचाप की समस्या आ सकती है
  4. यदि आपकी आयु 45 वर्ष या उससे अधिक है तो भी आपको उच्च रक्तचाप की समस्या हो सकती है
  5. यदि आप पर्याप्त फल और सब्जियां नहीं खाते है तो भी आपको उच्च रक्तचाप की समस्या आ सकती है
  6. यदि आप व्यायाम (Work out) नहीं करते हैं तो आपको भविष्य में हाइपरटेंशन की समस्या आ सकती है।
  7. यदि आप अधिक वजन वाले हैं तो भी आपको हाई बीपी की समस्या आ सकती है।

यदि आपको ऊपर वर्णित किसी भी बात के अंतर्गत आते हैं तो आपको सावधान रहना चाहिए और उच्च रक्तचाप से बचने के लिए अपने अन्दर सुधार करना चाहिए।

उच्च रक्तचाप होने के कारण (Causes of High blood pressure in hindi)

 

Image by Steve Buissinne from Pixabay
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high bp hone ke karan in hindi 

हाई बीपी होने के कई सारे कारण होते हैं। आज के युग में अधिकतर लोग नाव (Stress) से ग्रस्त है । पहले यह बीमारी केवल बुजुर्गों में ही होती थी किन्तु आजकल बढ़ते तनाव और भागदौड के कारण उच्च रक्तचाप (Hypertension) की समस्या युवाओं और बच्चों में भी होने लगी है । इसके अतिरिक्त उच्च रक्तचाप (Hypertension) होने के कारण निम्नलिखित है –

तनाव (Tension)

आजकल बढ़ते कम्पटीशन (competition) और काम की भागदौड़ के कारण बुजुर्गों सहित युवाओं और छोटे बच्चों में भी तनाव बढ़ता जा रहा है जिससे उनमें उच्च रक्तचाप की समस्या बढती जा रही है।

शारीरिक श्रम न करना (no physical labor)

जो लोग कोई शारीरिक श्रम नहीं करते अर्थात् न कोई कार्य करते हैं, न व्यायाम करते हैं और न ही खेलकूद में भाग लेते हैं । इस प्रकार के लोगों को भी हाई बीपी (High BP) की समस्या आ सकती है।

कैफ़ीन (Caffeine) का अधिक प्रयोग 

जो लोग कैफीन (चाय या कॉफ़ी) का अधिक सेवन करते हैं उन लोगों को भी कैफीन का अधिक सेवन करने से भी उच्च रक्तचाप की समस्या आ सकती है

अधिक नमकीन खाद्य पदार्थों का सेवन (consuming more salty foods)

जो लोग अधिक नमक या फिर नमकीन खाद्य पदार्थों का सेवन करते है उन लोगों को भी उच्च रक्तचाप (High blood pressure) की समस्या आ सकती है।

अधिक धूम्रपान एवं शराब का सेवन (excessive smoking and alcohol consumption)

जो लोग अधिक धूम्रपान एवं शराब का सेवन करते हैं उनको भी उच्च रक्तचाप की समस्या आ सकती है।

अधिक वजन होना (being overweight)

जिन लोगों का वजन अधिक होता है उनको भी हाई बीपी होने का खतरा बढ़ जाता है।

आपकी आयु (your age)

जैसे-जैसे लोगों की आयु बढती है वैसे-वैसे लोगों में उच्च रक्तचाप की समस्या आती जाती है किन्तु आज के ज़माने में किसी को भी हाई बीपी की समस्या आ सकती है।

अनुवांशिकता (heredity)

अगर आपके परिवार में किसी व्यक्ति को उच्च रक्तचाप (High BP) की बीमारी है तो आपको भी यह बीमारी होने का खतरा बहुत अधिक बढ़ जाता है।

रोग (Disease)

जिन लोगों को शुगर, किडनी के रोग एवं ह्रदय से सम्बंधित रोग होते हैं इन लोगों को भी हाई बीपी होने का खतरा होता है।

गर्भावस्था (pregnancy)

गर्भावस्था में भी स्त्रियों को हाई बीपी की समस्या आ सकती है।

अधिक वसायुक्त खाद्य पदार्थों का सेवन (consuming more fatty foods)

जो लोग अधिक वसायुक्त भोजन का सेवन करते हैं उन लोगों को भी उच्च रक्तचाप की समस्या आ सकती हैं।

उच्च रक्तचाप से बचाव (Prevention of High blood pressure in Hindi)

high bp se kaise bachen ?

उच्च रक्तचाप से बचने के लिए आप निम्नलिखित तरीके अपना सकते हैं –

तनाव को कम करें

जिन लोगों को तनाव के कारण उच्च रक्तचाप की समस्या आती है उन लोगों को किसी भी बात या काम के कारण होने वाले तनाव को कम करना चाहिए। अपना कोई भी कार्य बिना तनाव के करना चाहिए।

प्रतिदिन व्यायाम करें 

उच्च रक्तचाप (high bp) से बचने के लिए प्रतिदिन कम-से-कम आधा घंटा व्यायाम करना चाहिए और खेलना चाहिए।

नमकीन खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें 

उच्च रक्तचाप से बचने के लिए हमेशा नमक एवं नमकीन खाद्य पदार्थों का सेवन कम मात्रा में करना चाहिए। नमकीन खाद्य पदार्थों का सेवन अधिक करने से रक्तचाप हाई हो जाता है।

वसायुक्त खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें 

जिन लोगों को उच्च रक्तचाप (High blood pressure) की समस्या बनी रहती है उनको वसायुक्त खाद्य पदार्थों का सेवन कम करना चाहिए।

अपने वजन को नियंत्रित रखें 

अगर आपका वजन अधिक है तो इसके कारण भी उच्च रक्तचाप (High BP) हो सकता है। इसलिए अपना वजन अपनी उम्र के हिसाब से कण्ट्रोल में रहना चाहिए ।

धुम्रपान और शराब का सेवन नहीं करना चाहिए 

धुम्रपान और शराब (Alcohol) का सेवन करने से यदि आपका रक्तचाप अधिक हो जाता है तो धुम्रपान और शराब का सेवन बंद कर देना चाहिए ।

कैफीन (Caffeine) का सेवन कम करें 

अगर आप उच्च रक्तचाप (High BP) से बचना चाहते हैं तो कैफीन अर्थात् कॉफ़ी (Coffee) और चाय (Tea) का सेवन कम करना चाहिए क्यूंकि चाय और कॉफ़ी में कैफीन की मात्रा पाई जाती है जो रक्तचाप को बढ़ाने का कार्य करता है ।

संतुलित आहार (Balanced diet) लें 

उच्च रक्तचाप से बचने के लिए हमेशा संतुलित आहार का सेवन करना चाहिए । हमेशा फल-फ्रूट्स एवं हरी सब्जियों का सेवन करना चाहिए ।

सोयाबीन तेल (Soybean oil) का सेवन 

उच्च रक्तचाप की समस्या होने पर उससे बचने के लिए अपने भोजन में उन्य तेल की बजाय सोयाबीन तेल का प्रयोग करना चाहिए ।

पर्याप्त मात्रा में पानी पियें 

हमेशा सभी को पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। पर्याप्त पानी पीने से उच्च रक्तचाप की समस्या नहीं आती है ।

उच्च रक्तचाप की जाँच (Diagnosis of High blood pressure in Hindi)

high bp ki janch kaise ki jati hai

उच्च रक्तचाप की जाँच करना बहुत ही सरल है । रक्तचापमापी (Sphygmomanometer) की सहायता से नाप सकते हैं। अगर आपका ब्लड प्रेशर हाई है तो चिकित्सक आपको सप्ताह में कई बार रक्तचाप की जाँच कराने को बोल सकते हैं। सिर्फ एक बार बीपी की जाँच करके हाई बीपी की जाँच नहीं की जा सकती है ।

बार-बार जाँच करके यह पता लगाया जाता है की बीपी की समस्या लगातार बनी रहती है या नहीं क्यूंकि कई बार मौसम के कारण भी ब्लड प्रेशर कम-ज्यादा होता रहता है।

उच्च रक्तचाप के घरेलु उपाय (Home remedies for High blood pressure in Hindi)

high bp ke gharelu upay bataiye

उच्च रक्तचाप के घरेलु उपाय निम्नलिखित है –

तरबूज (watermelon) का सेवन

तरबूज का सेवन करके उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए भी किया जाता है। इसके लिए तरबूज के बीजों को पीसकर प्रतिदिन एक-एक चम्मच सेवन करें

प्याज और शहद का सेवन 

प्याज (Onion) और शहद (Honey) के मिश्रण से भी उच्च रक्तचाप को नियंत्रित किया जा सकता है । एक चम्मच प्याज के रस में दो से तीन चम्मच शहद मिलाकर पिने से उच्च रक्तचाप (High BP) सामान्य हो जाता है।

आंवले और शहद का सेवन 

शहद और आंवले के रस का सेवन भी उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए कार्य करता है । इसके लिए दो चम्मचआंवले का रस में दो चम्मच शहद मिलाकर प्रतिदिन सुबह-शाम सेवन करने से उच्च रक्तचाप (Hypertension) ठीक हो जाता है।

लहसुन (Garlic) का सेवन 

उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए लहसुन का भी उपयोग किया जाता है । लहसुन का उपयोग प्रत्येक घर में होता है इसलिए सुगमता से उपलब्ध हो जाता है । लहसुन कोलेस्ट्रोल को कम करने के साथ-साथ उच्च रक्तचाप (High blood pressure) को भी नियंत्रित करता है ।

कालीमिर्च के पानी का सेवन 

यदि आपका रक्तचाप बढ़ा हुआ है तो कालीमिर्च का सेवन करें । आधे गिलास या एक कप गुनगुने पानी में एक चम्मच कालीमिर्च पाउडर (Black pepper powder) मिलाकर हर दो घंटे में पीते रहें ।

मीठा नीम के पत्ते (Curry leaves) का सेवन 

मीठे नीम के पत्ते या करी पत्ते का सेवन करने से भी उच्च रक्तचाप नियंत्रित होता है । एक गिलास पानी में पांच छः करी पत्ते डालकर उबालें उसके बाद ठंडा करके छान लें । प्रतिदिन इसका सेवन करने से उच्च रक्तचाप नियंत्रित होता है ।

नीम और तुलसी के पत्तों का सेवन 

नीम और तुलसी के पत्तों के रस का सेवन करने से भी उच्च रक्तचाप नियंत्रित किया जा सकता है । पांच-छः तुलसी के पत्तों तथा दो-तीन नीम के पत्तों को पीसकर एक गिलास पानी में मिलाकर प्रतिदिन सुबह खली पेट पिने से उच्च रक्तचाप (High BP) नियंत्रित हो जाता है ।

गाजर और चुकुन्दर के रस का सेवन 

उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए गाजर और चुकुन्दर का रस प्रतिदिन दिन में दो से तीन बार पियें । इसका सेवन करने से आँखों की रौशनी और खून बढ़ता है ।

करेला (bitter gourd) का सेवन 

उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में करेला भी लाभकारी सिद्ध होता है । करेले का सेवन करने से उच्च रक्तचाप ठीक हो जाता है ।

टमाटर (Tomato) का सेवन 

टमाटर का सेवन करने से भी उच्च रक्तचाप (High BP) ठीक होता है । प्रतिदिन एक टमाटर खाएं या एक टमाटर का जूस पियें । उच्च रक्तचाप में लाभ होगा

तिल के तेल (Sesame Oil) का सेवन करें 

तिल के तेल का सेवन भी हाई बीपी को नियंत्रित करने में काम आता है । जिन लोगों को भी उच्च रक्तचाप की समस्या होती है उनको प्रतिदिन सब्जी में तिल का तेल प्रयोग करना चाहिए ।

भूरे चावल (Brown rice) का सेवन करें 

उच्च रक्तचाप के मरीजों को भूरे चावल को अपने आहार में लाना चाहिए । भूरे चावल का सेवन हाई बीपी में लाभकारी होता है । प्रतिदिन इनका सेवन करने से हाइपरटेंशन या हाई बीपी में लाभ होता है ।

हल्दी (Turmeric) का सेवन करें 

हल्दी भी हाई बीपी को नियंत्रित करने का कार्य करता है । प्रतिदिन हल्दी का सेवन करने से उच्च रक्तचाप नियंत्रित होता है ।

नारियल (Coconut) का सेवन करें

जिन लोगों को उच्च रक्तचाप (Hypertension) की समस्या होती है उन लोगों को प्रतिदिन नारियल के पानी का सेवन करना चाहिए । दिन में तीन बार नारियल का पानी पीने से हाई बीपी नियंत्रित होता है ।

मेथीदाना (Fenugreek seeds) का सेवन करें

जो लोग उच्च रक्तचाप की बीमारी से ग्रस्त है उनके लिए मेथीदाना भी लाभकारी होता है । हाई बीपी को कण्ट्रोल करने के लिए प्रतिदिन सुबह-शाम एक गिलास पानी में एक चम्मच मेथीदाना का पाउडर मिलाकर पिने से लाभ होता है ।

पालक (Palak) का सेवन करें 

उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए पालक भी लाभकारी होता है । प्रतिदिन पालक का सेवन या पालक के रस का सेवन करने से उच्च रक्तचाप (High BP) नियंत्रित हो जाता है ।

प्रतिदिन नंगे पैर (Bare foot) चलें 

उच्च रक्तचाप से छुटकारा पाने के लिए प्रतिदिन नंगे पैर हरी घास पर चलना चाहिए । रोज नंगे पैर हरी घास पर चलने से हाई बीपी को नियंत्रित किया जा सकता है ।

उच्च रक्तचाप से सम्बंधित सवाल (Some question related to High blood pressure इन Hindi)

उच्च रक्तचाप से सम्बंधित सवाल निम्नलिखित है –

क्या उच्च रक्तचाप से निजात पाई जा सकती है ?

हां, उच्च रक्तचाप से निजात पाई जा सकती है । यदि आहार और जीवनशैली का ध्यान रखें तो निश्चिन्त ही उच्च रक्तचाप से निजात पाई जा सकती है । इसके लिए आपको निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना होगा –

  1. नमक का सेवन कम करें
  2. धुम्रपान न करें और शराब का सेवन न करें
  3. संतुलित आहार लें
  4. प्रतिदिन व्यायाम करें

क्या उच्च रक्तचाप कोई खतरनाक बीमारी नहीं है ?

उच्च रक्तचाप (High BP) एक खतरनाक बीमारी है । इसे गंभीरता से लेना चाहिए अन्यथा आपको कई बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है जैसे कि गुर्दे की बीमारी, ह्रदय की बीमारी और शरीर के विभिन्न अंगों को नुकसान पहुँच सकता है । इसलिए इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए और इसका उपचार करना चाहिए ।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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