निम्न रक्तचाप या लो ब्लड प्रेशर क्या होता है ? लो ब्लड प्रेशर के घरेलू उपाय एवं कारण बताइए। Low BP

निम्न रक्तचा(Low blood pressure) की समस्या तब आती है जब हमारे शरीर की नसों (veins) में रक्त का प्रवाह सामान्य से कम हो जाता है। जब नसों या धमनियों में रक्त का प्रवाह कम हो जाता है तो शरीर के विभिन्न अंगों जैसे – ह्रदय, मस्तिष्क आदि तक ऑक्सीजन तथा अन्य आवश्यक पदार्थ नहीं पहुँच पते हैं जिसके कारण ये अंग सामान्य रूप से कार्य नहीं कर पाते हैं और इन अंगों में स्थाई रूप कई तरह के विकार उत्पन्न हो सकते हैं। यदि आपका ब्लड प्रेशर (BP) लो हो जाता है तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए क्यूंकि जब आपका बीपी लो हो जाता है तो आपको कई सारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है तथा दिल का दौरा (heart attack) भी पड़ सकता है जो बहुत ही खतरनाक होता है। निम्न रक्तचाप को मेडिकल भाषा में हाइपोटेंशन (hypotension) भी कहा जाता है। लो ब्लड प्रेशर वाले अधिकतर रोगी इसे कई बार अनदेखा कर देते है क्यूंकि वो इसे खतरनाक नहीं समझते है किन्तु ऐसा करना उचित नहीं है। हमारे शरीर का सामान्य ब्लड प्रेशर 120/80 mmHg (millimeters of mercury) माना जाता है इससे कम ब्लड प्रेशर को लो ब्लड प्रेशर (90/60 mmHg) कहा जाता है। ब्लड प्रेशर का लो होना ह्रदय की बिमारियों का संकेत होता है क्यूंकि रक्त का बहाव या प्रेशर ह्रदय के स्पंदन (heartbeat) की क्रिया पर ही निर्भर करता है।

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निम्न रक्तचाप क्या है ? (What is Low blood pressure in hindi)

 

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low blood pressure kya hai in hindi 

निम्न रक्तचाप (hypotension) वह दाब होता है जिसमें हमारे शरीर की नसों या धमनियों में रक्त का प्रवाह सामान्य से कम होने लगता है। रक्त का प्रवाह (Blood flow) कम होने से शरीर के अंगों तक सम्पूर्ण रक्त नहीं पहुँच पता है जिससे ये अंग ठीक तरीके से कार्य नहीं कर पातें है और कभी-कभी ये अंग कार्य करना बंद कर देते है।   आयुर्वेद के अनुसार हमारे शरीर में त्रिदोष अर्थात् तीन दोष होते है – वात, पित्त और कफ। इनमें से निम्न रक्तचाप के लिए ये तीनों दोष उत्तरदायी होते हैं।

निम्न रक्तचाप (hypotension) होने के कारण (Causes of Low blood pressure in Hindi) 

निम्न रक्तचाप क्यों होता है ? Low blood pressure kyu hota hai 

आजकल लौ ब्लड प्रेशर होना एक सामान्य बात हो गई है। यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है। आजकल के खानपान तथा भागदौड़ और टेंशन के कारण ब्लड प्रेशर का लौ होना एक आम बात है। इसके आलावा असंतुलित भोजन (imbalanced diet) और कुछ दवाओं के दुष्प्रभाव के कारण भी निम्न रक्तचाप (hypotension) की समस्या आ सकती है। निम्न रक्तचाप (Low blood pressure) के निम्नलिखित कारण होते है –

1 मानसिक तनाव (mental stress)

मानसिक तनाव के कारण लौ ब्लड प्रेशर की समस्या आ सकती है। जब हमारे मस्तिस्क में किसी प्रकार का तनाव (stress) उत्पन्न हो जाता है तो उसके कारण भी निम्न रक्तचाप की समस्या आ सकती है।

2 निर्जलीकरण (Dehydration)

शरीर में निर्जलीकरण जिसे पानी की कमी भी कहा जाता है के कारण भी लौ ब्लड प्रेशर की समस्या आ सकती है।

3 आवश्यकता से अधिक रक्तदान (excessive blood donation) 

यदि आपके शरीर में पहले ही रक्त की कमी है और आप उस स्तिथि में ब्लड डोनेट करते हैं तो आपके शरीर में रक्त की कमी हो जातो है जिसके कारण भी निम्न रक्तचाप (hypotension) की समस्या आ सकती है।

4 आंतरिक रक्तस्त्राव (Internal bleeding)

जब हमारे शरीर के अन्दर ही रक्त नष्ट होने लगता है अर्थात् रक्त की हानि होने लगती है तो इसे आन्तरिक रक्तस्त्राव (Internal bleeding) कहते हैं। इस आंतरिक रक्तस्त्राव के कारण भी लौ ब्लड प्रेशर की समस्या आ सकती है।

5 गर्भावस्था के कारण (Due to pregnancy)

स्त्रियों में गर्भावस्था के कारण भी निम्न रक्तचाप (low blood pressure) की समस्या आ सकती है क्यूंकि गर्भावस्था के समय स्त्रियों में परिसंचरण तंत्र (circulatory system) अधिक बढ़ता है जिसके कारण रक्तचाप में कमी आ जाती है।

6 उच्च रक्तचाप की दवाइयों का अधिक प्रयोग (Overuse of high blood pressure medication)

उच्च रक्तचाप की दवाइयों का अधिक प्रयोग करने से भी लौ ब्लड प्रेशर की समस्या आ सकती है क्यूंकि जब लोगों की बीपी बढ़ जाती है तो उनको उच्च रक्तचाप को काम करने की दवाइयों के प्रयोग की सलाह दी जाती है। कभी-कभी इन दवाइयों के अधिक सेवन से भी निम्न रक्तचाप की समस्या आ जाती है। इसके आलावा ह्रदय रोग से सम्बंधित दवाइयों, अवसाद (depression), पार्किंसंस रोग (Parkinson’s disease) आदि रोगों की दवाइयों या दर्दनाशक का अधिक प्रयोग से भी लौ ब्लड प्रेशर की समस्या आ सकती है।

7 रक्त की कमी (Anaemia) 

कई बार शरीर में किसी चोट के कारण एकदम खून की कमी हो जाती है जिसके कारण भी निम्न रक्तचाप की समस्या आ सकती है।

8 कमजोरी और पोषण की कमी (weakness and nutritional deficiency)

हमारे शरीर में पोषण की कमी होने के कारण शरीर में कमजोरी आ जाती है। पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व न मिलने से शरीर में आवश्यक रक्त का निर्माण नहीं हो पता है जिसके कारण भी निम्न रक्तचाप (hypotension) की समस्या आ जाती है।

9 रोगों के कारण (causes of diseases)

जब शरीर में कई तरह के रोग हो जाते है तो उनके कारण भी निम्न रक्तचाप की समस्या आ सकती है। थाइरोइड, मधुमेह जैसी बिमारियों के कारण भी लौ ब्लड प्रेशर की समस्या आ सकती है। इन सभी बातों के अतिरिक्त निम्नलिखित कारणों के कारण भी निम्न रक्तचाप (Low Blood Pressure) हो सकता है –

  • एसिडिटी
  • संक्रमण
  • एलर्जी
  • तंत्रिका तंत्र में विकार
  • सदमे में आना
  • अचानक डर जाना
  • अधिक क्रोध आना

निम्न रक्तचाप होने के लक्षण (Symptoms of Low blood pressure in hindi)

Low blood pressure ke lakshan in hindi 

निम्न रक्तचाप होने पर शरीर में कई प्रकार के लक्षण दिखाई देते हैं जो निम्नलिखित है –

  • बैठने या लेटने पर सिर चकराना
  • आँखों में धुंधलापन आना
  • चक्कर आना
  • साँस लेने में समस्या आना
  • बेहोशी आना
  • थकान और कमजोरी महसूस होना
  • सिरदर्द होना
  • ह्रदय की गति का अनियमित होना
  • पीठ के ऊपरी भाग में दर्द होना
  • गर्दन में अकड़न
  • जी मचलना
  • त्वचा में पीलापन
  • सीने में दर्द होना
  • प्यास लगना
  • अवसाद
  • शरीर का ठंडा पद जाना
  • 101°F से ऊपर बुखार आना
  • उलटी व् दस्त होना
  • एलर्जी होना

लो ब्लड प्रेशर के प्रकार (Types of Low blood pressure in hindi)

 

Image by Steve Buissinne from Pixabay
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Low blood pressure ke prakar bataiye 

निम्न रक्तचाप को उसके कारणों के आधार पर निम्नलिखित भागों में बांटा जा सकता है –

1 प्रसवोत्तर हाइपोटेंशन (postprandial hypotension) 

प्रसवोत्तर हाइपोटेंशन (postprandial hypotension) का तात्पर्य है भोजन करने के बाद लो ब्लड प्रेशर होना। जब किसी व्यक्ति को भोजन करने के बाद उसका ब्लड प्रेशर कम हो जाता है तो उस स्तिथि में होने वाले ब्लड प्रेशर को पोस्टप्रांडियल हायपोटेंशन कहा जाता है।

2 ऑर्थोस्टैटिक या पोस्टुरल हाइपोटेंशन (Orthostatic or postural hypotension)

इस प्रकार का हाइपोटेंशन तब होता है जब आप बैठे हो तब आपका ब्लड प्रेशर नापें और खड़े होने के बाद भी दुबारा ब्लड प्रेशर नापें तो जो रीडिंग या प्रकुंचन (Systole) बैठे होने की स्तिथि में आती है उससे खड़े होने पर 15-20 mmHg कम हो जाती है तो आपको पोस्टुरल हाइपोटेंशन या ऑर्थोस्टेटिक हाइपोटेंशन होने के संकेत हो सकते हैं।

3 नेउरेली मेडिएटेड हाइपोटेंशन (neurally mediated hypotension)

इस प्रकार का लो ब्लड प्रेशर आपके तंत्रिका तंत्र से सम्बंधित होता है जिसके कारण इसे तंत्रिका मध्यस्थता हाइपोटेंशन (neurally mediated hypotension) कहा जाता है। इस प्रकार का निम्न रक्तचाप मस्तिष्क और ह्रदय में मध्य गलत संचार (miss communication) के कारण होता है।

4 सीवियर हाइपोटेंशन (severe hypotension)

इस प्रकार के ब्लड प्रेशर की समस्या तब आती है जब आपका ब्लड प्रेशर 90/60 mmHg से भी कम हो जाता है। जिसके कारण आपके मस्तिष्क एवं अन्य अंगों में पर्याप्त रक्त नहीं पहुँच पता है जो बहुत अधिक खतरनाक होता है। ऐसी स्तिथि तब आती है जब आपका शरीर जल जाता है या किसी गंभीर चोट के कारण रक्त बह जाता है। इसके अतिरिक यदि आपको कोई सदमा लग जाता है तो भी गंभीर हाइपोटेंशन या सीवियर हाइपोटेंशन की समस्या आ सकती है।

निम्न रक्तचाप के बचाव (Prevention of Low blood pressure in hindi)

Low blood pressure se kaise bacha ja sakta hai ?

निम्न रक्तचाप या लो ब्लड प्रेशर बचने के लिए आप निम्नलिखित उपाय कर सकते हैं –

  • फलों एवं हरी सब्जियों का अधिक सेवन करें
  • अधिक मात्रा में पानी पियें
  • भोजन में नमक का प्रयोग सामान्य रखें
  • एकदम झटके के साथ खड़े न होयें
  • कोई भी दवाई अपने चिकित्सक के परामर्श से ही लें
  • तनाव लेने से बचें
  • हाई-कार्ब फूड्स (High-Carb Foods) से बचें
  • नशीले पदार्थों का सेवन न करें

निम्न रक्तचाप की जटिलताएं (Complications of Low blood pressure in hindi) 

Low blood pressure ke karan kya-kya samasyayen aa sakti hai ?

लो बीपी के कारण निम्नलिखित समस्याएं आ सकती है –

  1. यदि आपका बीपी (BP) लो हो जाता है तो इसके कारण आपका हार्ट फ़ैल हो सकता है तथा हार्ट अटेक आ सकता है
  2. इसके अतिरिक्त बीपी लो होने से आपके गुर्दे (Kideny) से सम्बंधित रोग भी हो सकते हैं
  3. यदि आपका ब्लड प्रेशर लो हो जाता है तो आपकी आंतो में भी पर्याप्त मात्रा में रक्त नहीं पहुँच पता है और उनमें रक्त की कमी आ जाती है जिसके कारण आंत्र इस्किमिया (Bowel ischemia) हो सकता है।
  4. यदि गर्भावस्था में रक्तचाप निम्न हो जाता है और उसका समय पर उपचार नहीं किया गया तो गर्भ में ही बच्चे की मृत्यु (still birth) हो सकती है।
  5. अगर रक्तस्त्राव के कारण बीपी लो हुई है तो इसके कारण रक्त का संक्रमण (Blood infection) हो सकता है।
  6. सदमा पहुँचने के कारण हुई लो बीपी के कारण आपके शरीर के अंगों को गंभीर क्षति भी पंहुच सकती है।
  7. निम्न रक्तचाप (Low BP) के कारण आपका नर्वस सिस्टम और मस्तिष्क (Brain) को भी क्षति पंहुच सकती है।

निम्न रक्तचाप के घरेलू उपचार (Home remedies for Low Blood Pressure in Hindi)

 

Image by Thomas H. from Pixabay
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ब्लड प्रेशर कम होने पर क्या खाना चाहिए ? or

बीपी लो होने पर क्या करें घरेलू उपाय ?

ब्लड प्रेशर लो होने पर आपको निम्नलिखित उपाय करना चाहिए –

कैफीन (Caffine) का सेवन करें लो बीपी में

अगर आपका बीपी कम हो गया है और आपको लो ब्लड प्रेशर के लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो आप एक कप अच्छी काफी या फिर चाय बना कर पी सकते हैं। इससे आपका ब्लड प्रेशर सामान्य हो जायेगा।

मट्ठा (Buttermilk) पिएं निम्न रक्तचाप में

छाछ या मट्ठे में नमक, हींग और सेके हुए जीरे को मिलाकर पीने से निम्नरक्तचाप (Low BP) में फायदा मिलता है। इससे लो ब्लड प्रेशर सामान्य होने में आसानी होती है।

अदरक और नींबू का मिश्रण निम्न रक्तचाप में लाभदायक

अदरक और नींबू का मिश्रण भी निम्न रक्तचाप को सामान्य कारण में सहायक होता है। सबसे पहले अदरक को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें तत्पश्चात उसमें नींबू का रस और सेंधा नमक मिलाएं और रख लें। इस मिश्रण का सेवन दिन में चार या पांच बार भोजन से पहले करें। इसका प्रयोग 5 से 8 दिनों तक करने से निम्न रक्तचाप की समस्या ठीक हो जाती है।

गाजर (Carrot) करे लो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल

लो बीपी में गाजर भी फायदेमंद होती है। गाजर से निम्न रक्तचाप को सामान्य करने में सहायता मिलती है। इसके लिए आपको गाजर और पालक (Spinach) के रस को क्रमशः 4:1 (उदाहरण के लिए यदि गाजर का रस 100 gm है तो उसमें 25 gm पालक का रस मिलाएं) के अनुपात में मिलाकर पीने से निम्न रक्तचाप सामान्य हो जाता है।

दालचीनी (Cinnamon) भी निम्न रक्तचाप में फायदेमंद

लो बीपी (Low BP) में दालचीनी भी लाभदायक होती है। दालचीनी के पाउडर को रोज गुनगुने पानी के साथ सेवन करें। आपको लो ब्लड प्रेशर में लाभ होगा। यह प्रतिदिन सुबह और शाम के समय में करें।

खजूर (Dates) का सेवन करें लो बीपी में लाभ मिलेगा

खजूर का सेवन करने से भी निम्न रक्तचाप में फायदा मिलता है। प्रतिदिन चार पांच खजूर खाकर एक कप दूध पीने से निम्न रक्तचाप सामान्य हो जाता है। इसके अलावा आप खजूर को दूध के साथ उबालकर भी पी सकते हैं।

आंवला का रस (Amla juice) के सेवन से लो ब्लड प्रेशर में होगा लाभ

आंवला का सेवन करने से भी लो बीपी में फायदा मिलता है। आंवले के रस में स्वाद अनुसार शहद (Honey) मिलाकर पीने से निम्न रक्तचाप के कारण आने वाले चक्कर को शांत करता है। इसके अलावा आप आंवले का अचार या मुरब्बा भी खा सकते हैं।

चुकंदर का रस (Beetroot’s juice) का सेवन करें निम्न रक्तचाप में

चुकंदर भी निम्न रक्तचाप में लाभकारी होता है। चुकंदर का रस प्रतिदिन सुबह और शाम को पीने से लो ब्लड प्रेशर ठीक हो जाता है।

तुलसी (Tulsi) के पत्तों के सेवन से सामान्य होगा लो बीपी

तुलसी में बहुत सारे औषधीय गुण पाए जाते हैं। इसमें आयरन, मैग्नेशियम और पोटेशियम तथा विटामिंस पाए जाते हैं। तुलसी में यूजीनोल नाम का एंटी ऑक्सीडें पाया जाता है जिसके कारण निम्न रक्तचाप सामान्य हो जाता है। प्रतिदिन सुबह खाली पेट पांच से सात तुलसी के पत्तों का सेवन करने से निम्न रक्तचाप में लाभ मिलता है। 

किशमिश का सेवन करें निम्न रक्तचाप में

निम्न रक्तचाप को ठीक करने के लिए किशमिश को मिट्टी के बर्तन में पूरी रात भिगोएं। सुबह उठकर सेवन करके पानी पीने से निम्न रक्तचाप सामान्य हो जाता है।

टमाटर (Tomato) का सेवन करें लो ब्लड प्रेशर में

टमाटर के रस (Tamatar ka juice) का सेवन करने से भी निम्न रक्तचाप सामान्य हो जाता है। टमाटर के रस में नमक और भूनी हुई कालीमिर्च का पाउडर मिलाकर पीने से लो बीपी ठीक हो जाता है।

निम्न रक्तचाप का परीक्षण (Diagnosis of Low Blood Pressure in Hindi) 

लो बीपी की जांच कैसे करते हैं ? Low BP ki janch kaise karen ?

निम्न रक्तचाप का परीक्षण करने के लिए निम्नलिखित टेस्ट किए जाते हैं –

रक्त परीक्षण (Blood test) 

ब्लड टेस्ट के द्वारा आपके रक्त में लाल रक्त कोशिकाओं (RBCs) की कमी और ब्लड शुगर के अधिक या कम होने के आधार पर निम्न रक्तचाप का पता लगाया जा सकता है।

इकोकार्डियोग्राम (Echocardiogram) द्वारा

इस टेस्ट के अंतर्गत आपकी छाती का अल्ट्रासाउंड टेस्ट किया जाता है। इसके आधार पर लो बीपी (Low BP) का पता लगाया जा सकता है।

इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (Electrocardiogram, ECG) द्वारा

इस टेस्ट के द्वारा आपके हृदय के विद्युत संकेतों की जांच की जाती है।

कार्डिएक स्ट्रेस टेस्ट (Cardiac Stress Test) 

इस टेस्ट के द्वारा हृदय की मांसपेशियों में असामान्य प्रकार का रक्त परिक्षण किया जाता है जिससे हृदय के कारण होने वाले रक्तचाप का पता लगाया जाता है।

निम्न रक्तचाप में क्या खाएं और क्या नहीं ? (What to eat and what not to eat in low blood pressure ?) 

लो बीपी क्या खाना चाहिए ?

निम्न रक्तचाप में आपको चाय-कॉफी, नमक, नींबू, अधिक पानी पिए, बादाम दूध, मुनक्का, किशमिश, तुलसी स्ट्राबेरीया ब्लूबेरी एवं हरी सब्जियां आदि खाना  चाहिए।

लो बीपी में नहीं खाना चाहिए ?

लो बीपी में निम्नलिखित परहेज करना चाहिए –

  1. अधिक कार्बोहायड्रेट युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए।
  2. प्रोसेस्ड फ़ूड (Processed food) का सेवन नहीं करें।
  3. अधिक मसालेदार पदार्थों को नहीं खाना चाहिए।
  4. शराब जैसी मसालेदार चीजों का भी प्रयोग नहीं करना चाहिए।

 

 

 

 

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