सिरदर्द क्यों होता है ? इसके लक्षण, कारण, प्रकार, बचाव व घरेलु उपचार क्या हैं ?

हैलो फ्रेंड्स,

आज हम जानेंगे की सिरदर्द क्या होता है और इसके प्रकार, कारण, लक्षण, बचाव घरेलु उपचार क्या-क्या होते है। आज के समय में सिरदर्द होना बहुत ही आम बात है सिरदर्द किसी को भी कहीं भी हो सकता है। सिरदर्द क्यों होता है, सिरदर्द होने के क्या कारण होते है ये हम इस टॉपिक में पड़ेंगे तथा सिरदर्द के कितने प्रकार होते है और सिरदर्द के क्या-क्या लक्षण, सिरदर्द से बचाव कैसे किया जा सकता है तथा सिरदर्द के घरेलु उपचार क्या-क्या है आज हम इस टॉपिक पर बात करेंगे। तो चलिए शुरू करते हैं आज का टॉपिक सिरदर्द क्यों होता है ? इसके लक्षण, कारण, प्रकार, बचाव व घरेलु उपचार क्या हैं ?

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सिरदर्द क्या है ? (What is Headache in Hindi )

परिभाषा (Definition):-”जब हमारे सिर में, गर्दन या पीठ के ऊपर के भाग में किसी कारणवश दर्द होता है तो उसे सामान्य बोलचाल में सिरदर्द कहा जाता है । इसके अतिरिक्त हमारे मस्तिष्क में होने वाला किसी भी प्रकार का दर्द सिरदर्द कहलाता है ।”

यह दर्द शुरुआत में हल्का असर करता है तथा धीरे-धीरे बढ़ जाता है।और कभी-कभी तो इतना तेज़ सिरदर्द होने लगता है जो कि असहनीय हो जाता है। सिरदर्द सामान्य रूप से तेज़ गर्मी, तेज़ ठण्ड, तनाव, प्रदुषण, शौर या टेंशन के कारण हो सकता है।

सिरदर्द होने के कारण (Causes of Headache in Hindi)

सिरदर्द होने के निम्नलिखित कारण है –

१. तनाव (Tension)

सिरदर्द होने का बहुत बड़ा कारण तनाव है । आजकल लोग टेंशन अधिक लेते है जिसके कारण लोगों का सिरदर्द बढ़ता जा रहा है । लोग आजकल काम के चक्कर में हर समय तनाव में रहते हैं जिससे लोगों को सिरदर्द की परेशानियों से झूझना पड़ता है । दुनिया में सिरदर्द से पीड़ित लोगों में से आधे लोग तनाव सिरदर्द से परेशान रहते हैं।

२. अपर्याप्त नींद (insufficient sleep)

आजकल लोग लोभ या काम के चक्कर में दिन-रात काम करते रहते है या फिर रात में समय पर नहीं सोते हैं जिसके कारण उनको नींद की कमी हो जाती है । नींद की कमी के कारण भी सिरदर्द होना शुरू हो जाता है।

३. कम पानी पीना

पानी हमेशा अधिक पीना चाहिए । पानी की कमी से शरीर में कई प्रकार की बीमारियाँ पैदा होती है जिसमे से सिरदर्द भी एक है । पानी की कमी के कारण भी सिरदर्द होने लगता है ।

४. डिवाइसेस (devices) का अधिक प्रयोग 

आज के समय में जितनी तेजी से टेक्नोलॉजी बढ़ रही है उतने ही दुनियां में नए-नए उपकरण बन रहे हैं । जिसके कारण उपकरणों का प्रयोग अधिक होने लग गया है । उपकरणों के प्रयोग से सिरदर्द की समस्या बढती जा रही है ।

इन सभी बातों के अतिरिक्त अन्य कई प्रकार के कारण होते है जिनसे सिरदर्द होता है सिरदर्द होने के अन्य कारण निम्नलिखित है –

  • अधिक परिश्रम करना
  • अधिक शौर (noise)
  • असंतुलित आहार
  • कॉल पर अधिक देर तक बात करना
  • भूख लगना आदि

सिरदर्द के प्रकार (Types of Headache in Hindi)

सिरदर्द के निम्नलिखित प्रकार है –

१. माइग्रेन सिरदर्द 

माइग्रेन सिरदर्द क्या होता है? (What is Migraine in Hindi ?)

यह सिरदर्द का वह प्रकार है जिसमे सिरदर्द सिर के एक तरफ होता है । यह सामान्य रूप से अधिक असहनीय या अधिक दर्दकारी होता है । इस प्रकार के दर्द में दृष्टी धुंधली पड़ जाती है अर्थात् मरीज को कम दिखाई देने लगता है । इसके अतिरिक्त रौशनी, गंध और अधिक शोर के प्रति संवेदनशीलता बढती है तथा चक्कर आने लगते है । माइग्रेन सिरदर्द से लगभग सात में से एक व्यक्ति प्रभावित होता है ।

माइग्रेन सिरदर्द क्यों होता है ? (Causes of Migraine in Hindi)

माइग्रेन सिरदर्द होने के निम्नलिखित कारण होते हैं –

  • चेहरे या दिमाग की ब्लड वेसल्स (Blood Vessels ) में गड़बड़ी होने के कारण
  • चिंता या तनाव बढ़ने के कारण
  • वातावरण में बदलाव होने के कारण
  • होर्मोन असंतुलन के कारण (विशेषकर स्त्रीयों में एस्ट्रोजेन हार्मोन की कमी के कारण )
  • अधूरी नींद या अधिक नींद निकलना
  • अत्यधिक मेहनत से थकान के कारण
  • अधिक शोर या तेज़ धुप में रहने के कारण
  • सर्दी-जुकाम और बुखार आने के कारण आदि

माइग्रेन सिरदर्द से कैसे बचें ? (Prevention of Migraine in Hindi )

माइग्रेन सिरदर्द से बचने के लिए निम्नलिखित बातों को ध्यान में रखना आवश्यक है –

  1. चिंता या तनाव से दूर रहें
  2. वातावरण में बदलाव होने पर अपना ध्यान रखें अर्थात् एक दम ठन्डे क्षेत्र से गर्मी में न जाये तथा गर्मी से आते ही एकदम ठन्डे पदार्थों का सेवन न करें।
  3. तेज़ गर्मी में डायरेक्ट सनलाइट से दूर रहें
  4. प्रतिदिन अधिक पानी पिए
  5. ब्लड प्रेशर एवं ब्लड शुगर को नियंत्रित रखें
  6. ऐसी जगह न जाये जहाँ अधिक शोर हो
  7. समय पर पर्याप्त मात्रा में नींद लें
  8. हमेशा फल एवं हरी सब्जियों का प्रयोग करें
  9. चाय एवं कॉफ़ी का प्रयोग कम करें क्यूंकि अधिक चाय और कॉफ़ी से सिरदर्द बढ़ सकता है
  10. मसालेदार चीजो का प्रयोग कम से कम करें
  11. प्रतिदिन व्यायाम करें

माइग्रेन सिरदर्द के प्रकार (Types of Headache in Hindi )

माइग्रेन सिरदर्द दो प्रकार का होता है –

  1. क्लासिकल माइग्रेन (Classical Migraine) – क्लासिकल माइग्रेन होने से पहले ही रोगी को कुछ लक्षण दिखाई देने लगते हैं ।
  2. नॉन-क्लासिकल माइग्रेन (Non-classical Migraine) – नॉन-क्लासिकल माइग्रेन में सिरदर्द शुरू होने से पहले कोई लक्षण दिखाई नहीं देते हैं तथा थोड़ी-थोड़ी देर में बहुत तेज़ दर्द होता है।

 

माइग्रेन सिरदर्द के घरेलु उपाय (Home Remedies of Migraine Headache in Hindi)

माइग्रेन सिरदर्द के कई सारे घरेलु उपचार उपलब्ध है । इन  घरेलु उपचारों को अपनाकर घर पे ही माइग्रेन को ठीक कर सकते हैं । वैसे तो माइग्रेन सिरदर्द के दुनियां में बहुत सारे उपाय मौजूद है जिनमे से कुछ उपाय हम आपको बताएँगे । माइग्रेन सिरदर्द के घरेलु उपचार निम्न हैं-

१. अदरक का रस पिए

माइग्रेन सिरदर्द को ठीक करने के लिए रोज अदरक का रस पिए । अदरक में बहुत प्रकार के औषधीय गुण पाए जाते हैं जिनमे से एक गुण सिरदर्द को दूर करने के भी पाया जाता है । इसके अतिरिक आप अदरक की बनी चीजों का प्रयोग कर सकते हैं जैसे – अदरक की चाय, अदरक की सब्जी आदि ।

२. दूध में लौंग पाउडर डालकर पियें

माइग्रेन सिरदर्द को दूर करने करने के लिए रोज दूध में लौंग का पावडर डालकर पियें ।

३. दालचीनी को सिर पे लगायें 

वैसे तो दालचीनी का प्रयोग सब्जियों में गरम मसाले के रूप में किया जाता है किन्तु इसके कई सारे औषधीय उपयोग भी है । दालचीनी का यूज़ माइग्रेन को ठीक करने के लिए भी किया जाता है । दालचीनी को पीसकर इसका पेस्ट बना लें । इस पेस्ट को सिर पे लगाने से माइग्रेन सिरदर्द दूर हो जाता है ।

४. बर्फ से सिंकाई

बर्फ के भी कई सारे लाभ है जिसमे से एक सिरदर्द का उपचार भी है । माइग्रेन सिरदर्द को दूर करने के लिए बर्फ को कपड़े में लपेटकर १० से १५ मिनट तक सिर पे लगाये रखें । इससे सिरदर्द में तुरंत लाभ मिलेगा

५. निम्बू पानी पिए

जिन लोगों को माइग्रेन की समस्या रहती है वो निम्बू पानी का सेवन भी कर सकते है । निम्बू में बहुत सारे औषधीय गुण पाए जाते हैं तथा इसके साथ ही इसमें शरीर में डिहाइड्रेशन की समस्या को दूर करके शरीर को इंस्टेंट एनर्जी प्रदान करने की क्षमता होती है । निम्बू पानी पिने से माइग्रेन सिरदर्द दूर हो जाता है ।

२. गुच्छा सिरदर्द (Cluster Headache in Hindi )

यह सिरदर्द सिर के एक ओर आँखों के आसपास फील होने वाला अत्यंत दुखदाई होता है ।यह बहुत ही असहनशील एवं दुखदाई होता है । इसको क्लस्टर सिरदर्द भी कहते हैं । क्लस्टर सिरदर्द ३० मिनट से ३ घंटे तक रह सकता है ।

गुच्छा सिरदर्द (Cluster Headache) के क्या लक्षण होते हैं ?

गुच्छा सिरदर्द के निम्नलिखित लक्षण होते हैं –

  • यह सिरदर्द सिर के एक और तीव्र, जलने या चुभने जैसा होता है ।
  • क्लस्टर सिरदर्द आँख के इर्द-गिर्द, कनपट्टी और कभी-कभी चेहरे पर महसूस होता है ।
  • प्रत्येक दौर में यह सिरदर्द प्राय: एक ओर ही उत्पन्न होता है ।
  • दर्द अत्यधिक असहनीय होता है जिसके कारण लोग बैचेन महसूस करते हैं
  • तेज़ दर्द के कारण लोग खड़े होने पर हिलने-डुलने व आगे-पीछे होने लगते हैं ।

इन लक्षणों के अतिरिक्त सामान्य रूप से निम्न में से कम से कम एक लक्षण अवश्य उपस्थित रहता है –

  • आँख का लाल होना या बहना
  • पलक में सूजन और लटकन
  • बंद अथवा बहती नाक
  • चेहरे पर पसीना आना

गुच्छा होने के कारण (Causes of Cluster headache in Hindi )

गुच्छा सिरदर्द होने का स्पष्ट कारण क्या है इसका अभी तक कोई प्रमाण नहीं है । यद्यपि कुछ खोजकर्ताओं ने यह बात साबित की है कि यह सिरदर्द मस्तिष्कं के हाइपोथैलेमस (Hypothalamus) में होने वाली गतिविधियाँ ज्यादा बढ़ जाती है । हाइपोथैलेमस मस्तिष्क का वह भाग है जो भूख-प्यास लगने जैसी इच्छाओं और शरीर के तापमान को कण्ट्रोल करता है ।

हालाँकि कुछ वैज्ञानिक गुच्छा सिरदर्द होने के निम्नलिखित कारण मानते है –

  1. तेज़ गर्मी के समय शारीरिक गतिविधियों को बढ़ाना
  2. अल्कोहोल और धुम्रपान करना
  3. बहुत अधिक पानी से नहाना या सीधे सूर्य की तेज़ गर्मी वाली रौशनी में जाना
  4. बहुत अधिक ब्राइट वाली रौशनी में रहना
  5. कुछ दवाओं का दुष्प्रभाव होना
  6. शरीर में मेलाटोनिन (Melatonin) का लेवल बहुत अधिक बढ़ जाना
  7. इन सब बातों के अतिरिक्त अचानक तापमान में होने वाले बदलाव के कारण भी गुच्छा सिरदर्द हो सकता है ।

गुच्छा सिरदर्द (Cluster Headache ) के प्रकार (Types of Cluster Headache in Hindi )

गुच्छा सिरदर्द के दो प्रकार निम्नलिखित है –

प्रासंगिक गुच्छा सिरदर्द (episodic cluster headache)

प्रासंगिक गुच्छा सिरदर्द  कुछ हफ़्तों या दिनों तक रहता है और अपने आप ठीक हो जाता है । इसे प्रासंगिक क्लस्टर सिरदर्द के नाम से जाना जाता है । इस प्रकार के सिरदर्द से १०० में से २०-२५ लोग प्रभावित होते हैं ।

दीर्घकालिक गुच्छा सिरदर्द (Long term cluster headache )

जैसा कि इसके नाम से ही पता चलता है कि दीर्घकालिक यानि लम्बे समय तक रहने वाला सिरदर्द होता है । इस प्रकार का सिरदर्द कुछ महीनों से लेकर एक साल तक रह सकता है या उससे भी अधिक समय तक रह सकता है ।

गुच्छा सिरदर्द से बचाव और उपचार (Prevention and treatment of Cluster Headache in Hindi)

गुच्छा सिरदर्द के बचाव और उपचार निम्नलिखित है –

  • यदि आप पहले से धुम्रपान करते हैं तो धुम्रपान करना बंद कर दें एवं शराब तथा तम्बाकू का सेवन न करें ।
  • क्लस्टर में चावल, पाश्ता, ब्रेड, कुकीज आदि न खाएं
  • जैतून के तेल से सिर पर मालिश करें
  • जब भी क्लस्टर सिरदर्द हो तो मक्खन, क्रीम, चीज़ (Cheese) आदि खाएं क्यूंकि इनमें कार्बोहायड्रेट पाया जाता है जो सिरदर्द को कम करता है ।
  • अधिक गर्मी से बचें । हालाँकि जब भी हम तेज़ गर्मी में होते हैं तो सिरदर्द शुरू होने लग जाता है पर इसका यह मतलब कतई नहीं होता है कि यह सिरदर्द क्लस्टर सिरदर्द ही है । फिर भी कुछ वैज्ञानिकों की मान्यता है कि तेज़ गर्मी से बचकर क्लस्टर सिरदर्द से राहत पाई जा सकती है ।

३. साइनस सिरदर्द (Sinus Headache in Hindi)

साइनस सिरदर्द संक्रमित साइनस के कारण होता है । यह असामान्य तरह का सिरदर्द होता है । अधिकतर लोग यह समझते हैं की उनको साइनस का सिरदर्द है परन्तु ज्यादातर यह माइग्रेन या तनाव सम्बन्धी सिरदर्द होता है ।

साइनस सिरदर्द के लक्षण (Symptoms of Sinus headache in Hindi )

साइनस सिरदर्द के निम्नलिखित लक्षण होते हैं –

  • आपका चेहरा छूने पर नरम जैसा महसूस होता है और आपको साइनोसाइटिस के कुछ लक्षण देखने को मिल सकते हैं जैसे- नाक का बंद होना, नाक का बहना ।
  • जब हम सिर हिलाते हैं या ऊपर-निचे करते हैं तथा तापमान में अधिक परिवर्तन होने पर साइनस सिरदर्द और बढ़ जाता है ।
  • यह सिरदर्द एक लगातार, फड़कता हुआ दर्द है जो आँखों के नीचे या उपरी जबड़े के ऊपर महसूस होता है ।
  • सुबह के समय में यह सिरदर्द बहुत बुरी अवस्था में रहता है तथा दोपहर तक साइनस सिरदर्द कम हो जाता है ।
  • साइनस सिरदर्द तनरुपी सिरदर्द अथवा माइग्रेन सिरदर्द जैसा ही होता है इसलिए यह पता लगाना कभी-कभी कठिन होता है कि यह साइनस सिरदर्द ही है या नहीं ।

साइनस सिरदर्द के कारण (Causes of Sinus headache in Hindi )

साइनस सिरदर्द होने का मुख्य कारण साइनस (आँखों, नाक और गालों के चारों ओर भरे हवा के गुहा ) में सुजन और बलगम के जमाव जिसे साइनोसाइटिस कहते हैं, के कारण होते हैं । इस बीमारी को साइनोसाइटिस कहा जाता है ।

इसके अतिरिक्त अधिक ठंडा खाने या पीने अथवा अधिक ठण्ड पड़ने के कारण भी साइनस सिरदर्द होने लगता है ।

साइनस सिरदर्द का उपचार (treatment of Sinus headache in Hindi )

साइनस सिरदर्द के घरेलु उपचार क्या हैं ? (Home Remedies of sinus headache in Hindi)

साइनस सिरदर्द को ठीक करने के लिए बहुत प्रकार के घरेलु उपाय होते है जिनमे से कुछ घरेलु उपाय निम्नलिखित है-

१. निम्बू और शहद

एक गिलास गुनगुना पानी लें और उसमें एक निम्बू निचोड़ लें फिर उसके बाद उसमे एक चम्मच शहद को अच्छी तरह मिलाएं। इसको ३ से ४ सप्ताह तक पीने से साइनस सिरदर्द में बहुत आराम मिलता है ।

इसके अतिरिक्त साइनस सिरदर्द को ठीक करने के निम्न उपाय है-

  1. रोज अदरक की चाय बनाकर पियें
  2. १०० ग्राम बादाम, ५० ग्राम खांड (शक्कर) तथा २० ग्राम कालीमिर्च इन तीनों के पाउडर को आपस में मिक्स करके रोज रात को एक-एक चम्मच दूध में डालकर पिए । इससे साइनस सिरदर्द ठीक हो जाता है ।
  3. साइनस सिरदर्द साइनोसाइटिस के कारण होता है जिसमे नाक बंद हो जाता है । बंद नाक को खोलने के लिए आप नेजल स्प्रे का भी प्रयोग कर सकते हैं ।
  4. साइनस सिरदर्द को ठीक करने के लिए आप योग कर सकते हैं । योग में आप रोज ५-५ मिनट भस्त्रिका, कपालभांति और अनुलोम-विलोम कर सकते हैं ।

४. हार्मोन सिरदर्द (Hormonal Headache)

हार्मोन सिरदर्द क्या होता है? hormone headache in hindi 

हॉर्मोन सिरदर्द हॉर्मोन के असंतुलन के कारण होता है । इस प्रकार का सिरदर्द महिलाओं में पाया जाता है । जब स्त्रीयों में मासिक धर्म या ऋतुस्त्राव चक्र (Menstrual cycle) आता है तो एस्ट्रोजन हॉर्मोन (Estrogen Hormone) के स्तर में गिरावट आने लगती है । जिससे मासिक धर्म के दौरान सिरदर्द होने लगता है । इस प्रकार के सिरदर्द को ही हॉर्मोन सिरदर्द कहते हैं ।

हॉर्मोन सिरदर्द (Hormonal Headache) के कारण (Causes of Hormonal headache in Hindi )

हॉर्मोन सिरदर्द होने का क्या कारण होता है ? 

हॉर्मोन सिरदर्द होने का मुख्य कारण हॉर्मोन में असंतुलन उत्पन्न होने के कारण होता है । कुछ प्रकार के सिरदर्द ऐसे होते हैं जो केवल स्त्रीयों में ही पाए जाते हैं तथा स्त्रीयों के मासिक धर्म के कारण उत्पन्न होते हैं । ये सिरदर्द हॉर्मोन के कारण उत्पन्न होते हैं क्यूंकि महिलाओं में मासिक धर्म के समय एस्ट्रोजन होरमोन (Estrogen Hormone) में गिरावट आने के कारण उत्पन्न होते हैं ।

इसके अतिरिक्त कुछ अन्य कारणों से भी हॉर्मोन सिरदर्द होता है जो निम्नलिखित है-

  • जब महिलाएं रजोनिवृत्ति के पास पहुचती है तो उनको सिरदर्द होता है जिसका कारण सामान्य हॉर्मोन चक्र में अधिक लगातार अवधि और व्यवधान हो सकता है ।
  • गर्भावस्था के दौरान उसके कारण होने वाला सिरदर्द ।

हॉर्मोन सिरदर्द के उपचार (treatment of Hormonal headache in Hindi )

हॉर्मोन सिरदर्द के घरेलु उपाय क्या हैं?

हॉर्मोन सिरदर्द के घरेलु उपचार निम्नलिखित है –

  • हॉर्मोन सिरदर्द होने पर अपने आहार पर आपको अच्छी तरह ध्यान देना होगा
  • अच्छी नींद लेकर और तनाव से दूर रहकर हॉर्मोन सिरदर्द को दूर किया जा सकता है
  • इसके अतिरिक्त हॉर्मोन सिरदर्द अधिक बढ़ने या गंभीर स्तिथि होने पर आप किसी अच्छे डॉक्टर को दिखाएँ

 

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