पैर दर्द क्या है? इसके लक्षण,कारण, बचाव और उपचार क्या है?

हैलो फ्रेंड्स,

आज हम जानेंगे कि पैर दर्द क्या है और इसके कारण, लक्षण, बचाव और इसका उपचार कैसे किया जाता है। पैर दर्द एक सामान्य समस्या है जिसे घरेलू उपचारों की मदद से ठीक किया जा सकता है। पैर दर्द किसी को भी हो सकता है और इसके कारण अलग-अलग होते हैं. तो चलिए शुरू करते हैं आज का टॉपिक पैर दर्द क्या है ? पैर दर्द का इलाज इन हिंदी/ per dard ka ilaj in hindi

 

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° पैर दर्द क्या है?(What is leg pain in hindi)

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     परिभाषा (Definition):- “पैर के किसी भी भाग में होने वाले दर्द को पैरदर्द ( Foot pain/Leg pain) कहा जाता है। पैर के जिन भागों में दर्द होता है वो हैं पैर की उंगलियां, एड़ी, तलवे आदि।”

     पैर दर्द होना एक आम बात है और ये किसी को भी कहीं भी हो सकता है क्यूंकि जब भी आप खड़े रहते हैं या चलते हैं तो आपके पूरे शरीर का दबाव आपके दोनो पैरों पर पड़ता है जिसके कारण आपके पैरों में दर्द होने लगता है।

     पैर का दर्द हल्का भी हो सकता है और गंभीर भी हो सकता है ये उसके कारण पर निर्भर करता है। हल्का पैर दर्द कभी-कभी अपने आप ही ठीक हो जाता है या कुछ छोटे घरेलू उपचारों की मदद से ठीक किया जा सकता है परंतु यदि आपके पैरों में गंभीर दर्द होता है और घरेलू उपचारों की मदद से ठीक नहीं हो रहा है तो फिर आपको अपने चिकित्सक (Doctor) को दिखाना चहिए।

इसके अतिरिक्त जब आपके पैरों में चोट लग जाती है या कोई एक्सीडेंट हो जाता है तो उसके कारण भी पैर दर्द हो सकता है। इस स्थिति (Condition) में आपको डॉक्टर से उपचार (Treatment) कराना चाहिए।

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° पैर दर्द के लक्षण ( Symptoms of Leg/Foot pain in Hindi)

वैसे तो पैर दर्द होना अपने आप में यही एक लक्षण ही है परंतु कुछ अन्य प्रकार के भी लक्षण पैर में देखे जा सकते है।  क्या है ये लक्षण :

पैर की उंगलियों के नाखूनों की किनारों का लाल और उनमें दर्द होना। यह दर्द सामान्य रूप से इंग्रोनटोनेल(Ingrown toenail) के करण होता है।

पैर की उंगलियों में जलन या खुजली होना। यह एक फंगल इन्फेक्शन (Fungal infection) या स्किन इन्फेक्शन (Skin infection) हो सकता है।

पैर के ऊपरी हिस्से में खुजली, दर्द, या जलन होना।

प्लांटर फैसिया (Plantar fascia) के खिंचाव के करण दर्द होना।

          (प्लांटर फैसिया उतकों से बना एड़ी एवं पैरों की उंगलियों के बीच का निचला हिस्सा होता है जो अपने पूरे शरीर का भार सहन करने में सहायक होता है)

एड़ियों में होने वाला दर्द। (यूरिक एसिड बढ़ने से)

पैर में गांठ होने से दर्द होना।

पैर में किसी प्रकार की लगी चोट के करण पैर दर्द होना।

मांसपेशियों (Muscles) में उनके ग्रुप पर अत्यधिक दबाव पड़ने पर मांसपेशियों के तंतु टूट जाते हैं और पैरों में खिंचाव (stretch), सूजन (swelling) या लचक (suppleness) आ जाती है जिससे पैरों में दर्द होने लगता है।

° पैर दर्द के करण (causes of Leg/foot pain in Hindi)

Courtesy - Pexels
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पैर दर्द कई कारणों से हो सकता है जो निम्नलिखित है:

१. शरीर का वजन बढ़ना:

आपके पूरे शरीर का वजन आपके पैरों पर होता है। इसी प्रकार आपके शरीर का जितना अधिक वजन होगा उतना ही अधिक बल आपके पैरों पर पड़ता है। पैरों पर अधिक भार पड़ने के कारण पैर दर्द शुरू हो जाते हैं।

२. जूते-चप्पल:

आपके पैरों के दर्द का एक कारण जूते-चप्पल भी हो सकता है क्यूंकि लोग आजकल फैशन के चक्कर में ऐसे जूते-चप्पल एवं सैंडल को पहन लेते हैं जो पैरों के लिए आरामदायक नहीं होते हैं।

३. मांसपेशियों में खिंचाव:

आपके पैरों में दर्द होने का एक कारण मांसपेशियों में खिंचाव भी हो सकता है। ऐसा इसलिए कि जब आप तेज़ दौड़ते हैं या एक्सरसाइज करते हैं तो कभी-कभी पैरों की मांसपेशियों में खिंचाव आ जाता है। जिसके कारण पैरों में दर्द होता है और यदि इसका उपचार समय पर नहीं किया जाए तो यह जीवन भर के लिए दर्द रह जाता है।

इसके अतिरिक्त आप किसी काम को करते समय या सीढ़ियां चढ़ते-उतरते समय भी मांसपेशियों में खिंचाव आ जाता है।

४. शुगर या डायबिटीज:

यदि आपको शुगर (Diabetes) की बीमारी है तो भी आपको पैर दर्द की समस्या आ सकती है। डायबिटीज से होने वाला दर्द अत्यंत पीड़ादायक भी होता है।

५. उतकों (Tissues) का कमज़र होना:

यदि आपके पैरों के उतकों के ऊपर किसी प्रकार का भार पड़ता है तो वो धीरे-धीरे कमज़ोर पड़ने लगते हैं। जिसके कारण पैरों में धीरे-धीरे दर्द होने लगता है।

६. हड्डी टूटना:

यदि आपके पैर की हड्डी किसी एक्सीडेंट के कारण टूट जाती है तो पैर दर्द होना स्वाभाविक है और जिस जगह से हड्डी टूट जाती है वहां पर सूजन भी आ सकती है।

७. मोटापा:

पैर दर्द होने का एक कारण मोटापा भी है क्यूंकि मोटापे के कारण आपके शरीर का वजन बढ़ जाता है जिसके कारण पैरों पर अधिक बल लगता है और पैरों में दर्द होने लगता है।

८. एडीमा (Edema):

एडीमा शब्द का प्रयोग शरीर में चोट लगने के बाद जो वहां पर अतिरिक्त तरल पदार्थ जमा हो जाता है, के लिए किया जाता है। पैरों में चोट लगने पर उस स्थान पर अतिरिक्त तरल पदार्थ जमा हो जाता है जिसके कारण वहां पर सूजन आ जाती है और पैर दर्द करने लगता है।

९. वेरुकास (Verrucas) पर दबाव पड़ना:

वेरूकास पैरों के तलवों पर बनने वाले छोटे-छोटे उभार होते हैं जिनपर चलने या खड़े होने पर दबाव पड़ता है जिसके कारण पैरों में दर्द होने लगता है।

१०. अचिलेस टेंडन (Achilles tendon) पर चोट लगना:

आपके पैर के पिछले भाग (Achilles tendon) में किसी कारण वश चोट लग जाती है तो आपके पैरों में दर्द होने लगता है।

११. प्रेगनेंसी (Pregnency) के कारण:

यदि कोई स्त्री गर्भवती है तो प्रेगनेंसी के कारण भी पैरों में दर्द होता है।

१२. गठिया (arthritis) के कारण:

पैरों में गठिया या संधिशोथ के होने के कारण भी पैरों में दर्द होने लगता है।

 

इन सब कारणों के अतिरिक्त कुछ कमियों के कारण भी पैरों में दर्द हो सकता है:-

पेरो में दर्द किस कमी से होता है, pero me dard kis kami se hota hai

१. विटामिन D की कमी:

विटामिन Dहड्डियों (Bones) के लिए सबसे आवश्यक तत्व है। विटामिन डी से हड्डियां मज़बूत होती है और हड्डियों का अच्छी तरह विकास हो पाता है। विटामिन डी की कमी के कारण हड्डियां कमज़ोर हो जाती है तथा उनका विकास रुक जाता है जिसके कारण पैरों में दर्द होता है।

२. कैल्शियम (Calcium) की कमी:

कैल्शियम की कमी के कारण भी आपके पैरों में दर्द हो सकता है क्यूंकि क्यूंकि शरीर की हड्डियां कैल्शियम की ही बनी होती है। कैल्शियम ही हड्डी निर्माण में महत्वपूर्ण तत्व होता है। इसी प्रकार जब शरीर में कैल्शियम की कमी आती है तो पैरों की हड्डियां भी कमज़ोर होने लगती है। जिसके कारण पैरों में दर्द होने लगता है।

३. आयरन (Iron) की कमी के कारण:

कैल्शियम की कमी के अतिरिक्त आयरन की कमी के कारण भी पैरों में दर्द होने लगता है आयरन की कमी के कारण आपके शरीर में रक्त की कमी अर्थात्  हीमोग्लोबिन (haemoglobin) की कमी आ जाती है जिसके कारण एनीमिया (Anaemia) नामक रोग हो जाता है जिसकी वजह से रक्त का प्रवाह ठीक तरीके से नहीं हो पाता है और मांसपेशियों में खिंचाव होने लगता है जिसके कारण पैरों में दर्द होने लगता है।

° पैर दर्द से बचाव (prevention of Leg pain in Hindi)

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पैर दर्द से बचाव कई प्रकार से किया जा सकता है। पैर दर्द से बचाव निम्नलिखित हैं –

१. पौषण (Nourishment) का रखें ध्यान:

अपने शरीर में किसी भी स्थान पर दर्द या परेशानी हो तो उसका एक कारण पौषण की कमी भी होती है। इसलिए आपको हमेशा यह ध्यान रखना चाहिए कि आपके शरीर में पौषण की कमी न हो पाए। क्योंकि जब भी आपके शरीर में पौषण की कमी आयेगी तो आपके शरीर में कमजोरी भी आयेगी और फिर पैर दर्द होना प्रारंभ हो जातें हैं।

२. शरीर का वजन नियंत्रित रखें:

अपने शरीर का वजन नियंत्रित रख कर आप अपने पैर दर्द की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। क्योंकि जब शरीर का वजन बढ़ जाता है तो पूरे शरीर का भार आपके पैरों पर पड़ता है जिसके कारण पैर दर्द होता है। इसलिए आप अपने शरीर का वजन न बढ़ने दें।

३. अच्छे जूते एवं चप्पल पहनें:

यदि आप पैर दर्द से बचना चाहते हैं तो अच्छे, गद्देदार एवं मोटे सॉल वाले जूते-चप्पल को पहनें। बिना गद्देदार एवं पतले सॉल वाले जूते एवं चप्पलों को पहनने से पैरों में चुभते हैं जिसके कारण पैरों में दर्द होने लगता है। किंतु महिलाएं ऊंची हील वाली चप्पलों एवं सैंडलों को न पहने क्यूंकि इसे सैंडलों एवं चप्पलों को पहनने से कभी-कभी चलते समय मोच आ जाती है और फिर पैरों में दर्द होने लगता है।

४. नंगे पैर (Barefoot) न चलें:

यदि आप चाहते हैं कि आपके पैर सलामत रहे तो कभी भी नंगे पैर न चलें। क्यूंकि जब आप नंगे पैर चलते हैं तो कभी भी पैर में कांटा (Thorn) या कंकड़-पत्थर (Pebbles) चुभ जातें हैं तो पैरों में खून भी आ सकता है और पैर दर्द भी करने लगते हैं। इसलिए जब भी आप बाहर जाए तो हमेशा जूते-चप्पल पहनें।

५. अपने आप को स्वच्छ रखें:

यदि आप अपनी आप को हमेशा स्वच्छ रखते हैं तो पैर दर्द तो क्या कोई दूसरी बीमारी भी आपको नहीं छू सकती है। इसलिए हमेशा अपने आप को स्वच्छ रखें।

° पैर दर्द का परीक्षण (Foot pain test in Hindi):

पैर दर्द का परीक्षण करने के लिए आपको अधिक चिंता करने की आवश्यकता नहीं है क्यूंकि पैर दर्द का परीक्षण करना बहुत आसान है। पैर दर्द का परीक्षण करने के लिए आपको यह देखना है कि आपके पैरों में दर्द किस कारण से हो रहा है जैसे- पैर के दबाने से दर्द, सूजन से दर्द, आपकी चाल में बदलाव, पैर का सुन्न होना आदि। इन सभी कारणों से आपको दर्द के मुख्य कारण का पता चल सकता है।

° पैर दर्द की जटिलताएं (Complications of Foot pain in Hindi)

यदि पैर दर्द का उपचार समय पर नहीं किया गया तो पैर दर्द में कई तरह की जटिलताएं आ सकती है तथा इनमें से कुछ जटिलताएं तो बहुत गंभीर भी हो सकती है। इसलिए पैर दर्द का समय पर उपचार समय पर करना बहुत आवश्यक है।

पैर दर्द की निम्नलिखित जटिलताएं हो सकती है:

• दर्द लंबे समय तक रह सकता है।

• पैर में विकलांगता आ सकती है।

• पैर के दर्द वाले भाग में गठिया हो सकता है।

° पैर दर्द का उपचार (Treatment of Foot pain in Hindi)

पैर दर्द का उपचार कई तरीकों से किया जा सकता है जो कि निम्नलिखित है:-

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१. गर्म पानी:

यदि आपका पैर दर्द किसी चोट के कारण उत्पन्न हुआ है तो आप उस स्थान पर गर्म पानी से पैर की सिकाई करें। इससे आपको पैर दर्द में जल्द ही आराम मिलेगा।per dard ka ilaj in hindi

२. बर्फ:

यदि आपका पैर किसी अधिक भागदौड़ के कारण दर्द हो रहें है तो आप उस स्थान पर बर्फ से सिकाई कर सकते हैं।

३. फुट पैड (Foot pad):

यदि आपके पैरों में पहले से ही दर्द हो और आप किसी दूसरी चोट से अपने पैरों को बचाना चाहते हैं तो आप फुट पैड का स्तेमाल कर सकते हैं। फुट पैड का स्तेमाल करने से आपके पैर सुरक्षित रहते हैं।

४. सरसों के तेल (Mustard oil) से मालिश:

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पैर दर्द से राहत पाने के लिए रोज पैरों में सरसों के तेल की मालिश करें जिससे रक्त परिसंचरण (Blood Circulation) सामान्य हो जाता है और पैर दर्द में राहत मिलती है।

५. लौंग के तेल (Clove oil) से मालिश:

पैर दर्द को ठीक करने के लिए आप सरसों के तेल की जगह लौंग के तेल की भी मालिश कर सकते हैं। लौंग के तेल से मालिश करने से भी पैर दर्द में आराम मिलता है।per dard ka ilaj in hindi

६. तिल व महुआ का फूल (मोल्डा):

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यदि आपका पैर किसी अंधरूनी चोट से दर्द हो रहा है तथा चोट के कारण पैर में सूजन आ गई है तो आप महुआ के फूल (जिसे मेवाड़ में मोल्डा कहते हैं) तथा तिल को ओखली में कूटकर दोनो को मिक्स करके दर्द वाले स्थान पर बांध दे। इससे पैर दर्द में आराम मिलेगा।

७. हल्दी वाला दूध:

पैर दर्द से राहत पाने के लिए रोज रात को सोते समय हल्दी वाला दूध पीने से हाथ-पैर दुखना बंद हो जाते हैं। तथा शरीर की कमजोरी भी दूर होती है।

° योग में पैर दर्द का उपचार (Treatment of Foot pain in Yog )

पैर दर्द को ठीक करने के लिए कुछ योग है जिनकी सहायता से पैरों को ठीक किया जा सकता है। पैर दर्द को ठीक करने के लिए निम्नलिखित योग है:-

सर्वांगासन

शवासन

विपरीतकरनी आसन

सलंब भुजंगासन

 

Author – Pavitragyan

 

 

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